ताजा खबर
ये प्रेम मोल लिया का सांग सावन आया है वायरल हुआ   ||    तब्बू के जन्मदिन पर मिला फैंस को खास तोहफा, किंग 100 से महारानी झांसी के दमदार अवतार में आईं नजर   ||    कनिका कपूर ने बताई दूसरी शादी टूटने की वजह, बोलीं मेरी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स नहीं है   ||    सलमान खान के स्वैग से लेकर मृणाल ठाकुर की खूबसूरती तक, रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में सितारों का ल...   ||    सलमान खान का नया गाना तेरी सेक्सी ब्यूटी रिलीज, दो पेग और सुबह की फ्लाइट वाले ट्वीट ने फैंस को किया ...   ||    बोरीवली बस डिपो विवाद: बीएमसी, कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप   ||    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और ट्रंप की पार्टी को झटका: राजनीतिक समीकरणों में बदलाव   ||    Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी, खरीदारों के लिए क्या हैं संकेत?   ||    मुकेश अंबानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति: झांग यिमिंग और अडानी को पीछे छोड़ा   ||    SBI रिसर्च: LTCG टैक्स हटाने से सरकारी राजस्व पर असर का विश्लेषण   ||   

क्रिसिल की रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष में भारत का चालू खाता घाटा बढ़कर कुल सकल घरेलू उत्पाद के डेढ़ प्रतिशत तक पहुंचेगा

Photo Source :

Posted On:Thursday, September 3, 2026

नयी दिल्ली। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल लिमिटेड (CRISIL) के नवीन मैक्रोइकोनॉमिक विश्लेषण में अनुमान लगाया गया है कि चालू वित्तीय वर्ष में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) बढ़कर देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 1.5 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच सकता है। गत वित्त वर्ष के दौरान यह आंकड़ा महज 0.6 प्रतिशत दर्ज किया गया था। वित्तीय वर्ष की शुरुआती तिमाही में व्यापार असंतुलन का असर स्पष्ट दिखा, जब घाटा बढ़कर 4.2 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 3.4 अरब डॉलर था।

विश्लेषण के अनुसार, व्यापार घाटे में इस बढ़ोतरी का प्राथमिक कारण वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और अन्य प्रमुख कमोडिटीज की कीमतों में आई भारी तेजी है। आयात लागत में अप्रत्याशित उछाल के कारण वस्तु व्यापार घाटा 68.9 अरब डॉलर से बढ़कर 86.1 अरब डॉलर के स्तर पर चला गया। हालांकि, भारतीय सेवा क्षेत्र (Services Sector) के मजबूत निर्यात प्रदर्शन और बेहतर प्राप्तियों ने इस बढ़ते व्यापार घाटे को काफी हद तक नियंत्रित करने में मदद की है।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक सुस्ती और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्ग में उत्पन्न अनिश्चितताओं का प्रभाव भारत के वस्तुओं के निर्यात पर बना रहेगा। दूसरी ओर, घरेलू मांग और महंगे कच्चे तेल का आयात भारत के विदेशी मुद्रा के बहिर्वाह को बढ़ाएगा। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि यद्यपि मौजूदा चुनौतियां दबाव बना रही हैं, लेकिन भारत के पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार और सेवा निर्यात के निरंतर आधार से देश का बाहरी आर्थिक संतुलन नियंत्रण में रहने की उम्मीद है।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.