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विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय मुद्रा की रिकवरी: डॉलर की मांग सुस्त पड़ने से रुपया 11 पैसे चढ़कर 96.25 प्रति डॉलर पर बंद

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Posted On:Wednesday, July 22, 2026

मुंबई: अंतरबैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Forex Market) में अमेरिकी मुद्रा डॉलर की मांग सुस्त रहने और घरेलू शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की मजबूत आवक के चलते मंगलवार (21 जुलाई 2026) को भारतीय रुपया 11 पैसे की मजबूती दर्ज करते हुए 96.25 (अस्थाई) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया छह पैसे की गिरावट के साथ 96.36 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। इस वित्तीय घटनाक्रम और रणनीतिक विन्यास के सांख्यिकी विवरण के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बावजूद डॉलर सूचकांक की घटती मांग ने रुपये को जरूरी वित्तीय सुरक्षा कवच प्रदान किया।

कारोबार की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण रुपया दबाव में दिखा और छह पैसे की कमजोरी के साथ 96.42 प्रति डॉलर पर खुला, जो इसका दिन का निचला स्तर भी रहा। हालांकि, दिन के उत्तरार्ध में डॉलर की कमजोर मांग और विखंडनकारी विदेशी पूंजी के आगमन से रुपये का ग्राफ ऊपर की तरफ गया और एक समय यह 96.13 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक पहुंच गया। अंततः कारोबार की समाप्ति पर रुपया 11 पैसे सुधरकर 96.25 प्रति डॉलर के स्तर पर स्थिर मुस्तैद हुआ।

बाजार विश्लेषकों और वित्तीय सलाहकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड वायदा के सवा दो प्रतिशत चढ़कर 91 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने तथा प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर इंडेक्स के 0.10 प्रतिशत मजबूत होने से रुपये की बढ़त काफी हद तक सीमित रही। इसके बावजूद, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) द्वारा भारतीय पूंजी बाजार में 26.9 करोड़ डॉलर का शुद्ध पूंजी निवेश करने से रुपये के लॉजिस्टिक्स संतुलन को कड़ा समर्थन मिला। खेल अब पूरी तरह से कच्चे तेल के आयात बिलों, वैश्विक अनिश्चितताओं के सांख्यिकी संतुलन और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मुद्रा बाजार के कड़े क्रियान्वयन पर टिका है।


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