ताजा खबर
ये प्रेम मोल लिया का सांग सावन आया है वायरल हुआ   ||    तब्बू के जन्मदिन पर मिला फैंस को खास तोहफा, किंग 100 से महारानी झांसी के दमदार अवतार में आईं नजर   ||    कनिका कपूर ने बताई दूसरी शादी टूटने की वजह, बोलीं मेरी जिंदगी में कोई तीसरा शख्स नहीं है   ||    सलमान खान के स्वैग से लेकर मृणाल ठाकुर की खूबसूरती तक, रमेश तौरानी की दिवाली पार्टी में सितारों का ल...   ||    सलमान खान का नया गाना तेरी सेक्सी ब्यूटी रिलीज, दो पेग और सुबह की फ्लाइट वाले ट्वीट ने फैंस को किया ...   ||    बोरीवली बस डिपो विवाद: बीएमसी, कानूनी लड़ाई और सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप   ||    अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और ट्रंप की पार्टी को झटका: राजनीतिक समीकरणों में बदलाव   ||    Gold Price Outlook: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में नरमी, खरीदारों के लिए क्या हैं संकेत?   ||    मुकेश अंबानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति: झांग यिमिंग और अडानी को पीछे छोड़ा   ||    SBI रिसर्च: LTCG टैक्स हटाने से सरकारी राजस्व पर असर का विश्लेषण   ||   

जर्मनी में पोलियो का जंगली रूप, हैम्बर्ग में मिला खतरनाक वायरस; इन लोगों के लिए खतरा

Photo Source :

Posted On:Friday, November 14, 2025

वैश्विक स्तर पर पोलियो को समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे युद्ध स्तर के प्रयासों के बावजूद, इस लक्ष्य को पूरी तरह से हासिल नहीं किया जा सका है। इस बीच, जर्मनी से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। यूरोपीय संघ की एजेंसी, यूरोपीय रोग निवारण और नियंत्रण केंद्र (ECDC) के अनुसार, जर्मनी के हैम्बर्ग में अपशिष्ट जल (सीवेज) के एक नमूने में वाइल्ड पोलियोवायरस टाइप 1 (WPV1) का पता चला है।

यह खोज ऐसे समय में हुई है जब देश पहले से ही पोलियो उन्मूलन के लिए प्रयासरत है। इससे पहले, 2024 के अंत से जर्मनी के कई स्थानों से प्राप्त अपशिष्ट जल के नमूनों में वैक्सीन-व्युत्पन्न पोलियोवायरस टाइप 2 (cVDPV2) भी पाया जा रहा था। हालांकि, ECDC ने स्पष्ट किया है कि WPV1 और cVDPV2 का पता लगाना एक-दूसरे से संबंधित नहीं है, लेकिन दोनों ही प्रकार के पोलियो वायरस उन लोगों में पोलियो का कारण बन सकते हैं जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है या अपूर्ण टीकाकरण हुआ है।

संक्रमण का खतरा और जीनोम कनेक्शन

रॉबर्ट कॉख इंस्टीट्यूट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि जर्मनी में सीवेज के एक नमूने में WPV1 पाया गया है। हालांकि, सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि अब तक किसी भी इंसान में WPV1 संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है।

जर्मनी जैसे देश में अपशिष्ट जल के नमूने में WPV1 का पाया जाना असामान्य है, हालांकि अप्रत्याशित नहीं। ECDC के बयान में कहा गया है कि WPV1 के पाए जाने से यूरोपीय आबादी को होने वाला जोखिम बहुत कम माना जा रहा है, क्योंकि इस क्षेत्र में टीकाकरण दरें आम तौर पर बहुत ऊंची हैं।

WPV1 के जीनोम अनुक्रम की जाँच से पता चला है कि यह अफगानिस्तान के एक जेनेटिक क्लस्टर से अत्यधिक मेल खाता है। वर्तमान में, वाइल्ड पोलियोवायरस टाइप 1 केवल अफगानिस्तान और पाकिस्तान में ही स्थानिक रूप से फैल रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में इसे इन दोनों देशों के बाहर भी पाया गया है, जिसमें ईरान (2019), मलावी (2021) और मोजाम्बिक (2022) के मामले शामिल हैं।

उच्च टीकाकरण कवरेज ही एकमात्र बचाव

पोलियो के विश्व स्तर पर उन्मूलन नहीं होने तक, यूरोप में इस विषाणु के पुनः फैलने का खतरा तब तक बना रहेगा जब तक वहां ऐसे लोग हैं जिनका पूर्ण टीकाकरण नहीं हुआ है।

  • सभी यूरोपीय संघ/ईईए देशों में पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम हैं और वे सभी निष्क्रिय पोलियो टीके (IPV) का उपयोग करते हैं।

  • अधिकांश यूरोपीय संघ/ईईए देशों में टीकाकरण कवरेज 90% से अधिक है।

अपशिष्ट जल में पोलियो वायरस की पहचान के बाद, ECDC ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राधिकारियों के लिए प्रमुख सिफारिशें की हैं: नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों में शामिल पोलियो-युक्त टीकों का समय पर प्रशासन सुनिश्चित किया जाए, खासकर छोटे बच्चों के लिए, ताकि समाज के सभी स्तरों पर कम से कम 90% कवरेज बनाए रखा जा सके। यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कोई भी नागरिक पोलियो से सुरक्षा कवच से वंचित न रहे।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.