ताजा खबर
“दिल चुराने आ गया ‘दिल वाले चोर’: ‘पति पत्नी और वो 2’ का नया गाना हुआ रिलीज़”   ||    “भरोसे से बहस तक: कुनिका सदानंद की पोस्ट ने क्यों छेड़ दी नई राजनीतिक चर्चा”   ||    खलनायक रिटर्न्स में बल्लू अपने उसी अंदाज में नजर आएगा बोले संजय दत्त   ||    खलनायक का दर्द, जुनून और वापसी: सुभाष घई ने जगाई नई उम्मीद   ||    रिहाना की भारत में धमाकेदार वापसी, मुंबई एयरपोर्ट पर दिखा ग्लोबल स्टार का जलवा   ||    ईद 2027 पर सलमान खान का बड़ा दांव, SVC63 से बनेगा मेगा ब्लॉकबस्टर प्लान   ||    अनुपम खेर ने याद किया माइकल जैक्सन संग खास पल, बोले- “वो सिर्फ कलाकार नहीं, एक एहसास थे”   ||    ‘किंग’ का टीजर रिलीज: शाहरुख खान की दहाड़ इस क्रिसमस मचाएगी तहलका   ||    कच्चे तेल में उबाल $103 के पार पहुँचा ब्रेंट क्रूड, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट   ||    ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की 'रहस्यमयी' चुप्पी गंभीर चोटों और सर्जरी के बीच IRGC ने संभ...   ||   

फ्रैंचाइजी, सीक्वल और ओरिजिनल फिल्में सभी जरूरी हैं बोले तुषार कपूर

Photo Source :

Posted On:Friday, June 13, 2025

फेमस फिल्म फ्रैंचाइजी जैसे क्या कूल है हम और गोलमाल में काम कर चुके तुषार कपूर ने इंडियन सिनेमा में बढ़ रहे सीक्वल, रिमेक और फ्रैंचाइजीकी ट्रेंड पर अपनी राय दी। आजकल फिल्मों में सीक्वल और रिमेक बहुत बन रहे हैं, लेकिन दर्शक अब नई और ओरिजिनल कहानियां भी चाहते हैं।इस बारे में पूछने पर तुषार ने संतुलित जवाब दिया।

तुषार ने कहा, “मुझे ये ट्रेंड ज्यादा मायने नहीं रखता कि हमें इन्हें फॉलो करना चाहिए या तोड़ना चाहिए। सबसे बड़ा मकसद अच्छी फिल्म करना होनाचाहिए। सीक्वल तभी बननी चाहिए जब दर्शकों को उससे प्यार हो और उनकी मांग हो। लोग फ्रैंचाइजी पसंद करते हैं और उसे आगे बढ़ाना बिजनेसकी नजर से सही होता है क्योंकि ये प्रोड्यूसर के लिए फायदे का सौदा है। लेकिन फ्रैंचाइजी और सीक्वल के साथ-साथ ओरिजिनल आइडियाज में भीनिवेश होना चाहिए। दोनों का संतुलन होना चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा, “पहली बार बनने वाली फिल्मों पर भी समय देना चाहिए, सिर्फ सीक्वल बनाने में नहीं। सीरियल की तरह पार्ट 1, 2, 3 में भी नईकहानी होती है, कुछ नया पेश किया जाता है। सीक्वल होना आसान नहीं होता। चाहे रिमेक हो या सीक्वल, उसमें इंस्पिरेशन होती है, फिल्म कीअपनी आत्मा होती है। आपको कुछ नया बनाना होता है, सिर्फ पहले जैसा ही नहीं करना होता। फिल्म बनाने का काम आसान नहीं होता, चाहे रिमेकहो, सीक्वल हो या ओरिजिनल। दर्शकों को सिनेमा हॉल तक लाना बहुत मुश्किल काम है।”

तुषार कपूर की बातों से साफ होता है कि वे चाहते हैं कि इंडियन सिनेमा में कमर्शियल और क्रिएटिव दोनों चीजों का मेल बने। उनके लिए सबसेजरूरी है कि वे ऐसी फिल्मों का हिस्सा बनें जो दर्शकों को पसंद आएं और अच्छी कहानी बताएं।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.