ताजा खबर
यूपी में खिलेगा कमल, सपा का 'टोपी' वाला ढोंग खत्म: बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन का अखिलेश यादव पर तीखा ...   ||    महिला आरक्षण पर बीजेपी का शक्ति प्रदर्शन, CM योगी बोले कांग्रेस और सपा का चेहरा अलोकतांत्रिक   ||    दलाल स्ट्रीट पर छाने को तैयार Razorpay 6 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर आएगा IPO निवेशकों के लिए कमाई का स...   ||    तेल की जंग में तेहरान की ललकार! प्रतिबंधों पर दी बड़ी धमकी; ‘ईरानी तेल रुका तो दुनिया को भुगतने होंग...   ||    IPL 2026: स्टार गेंदबाजों से सजी मुंबई इंडियंस की 'पेस बैटरी' हुई फेल, आंकड़ों में सबसे फिसड्डी   ||    केजरीवाल की दलील को कोर्ट ने किया रिकॉर्ड… 4:30 बजे आएगा जज बदलने पर फैसला   ||    विशाल भारद्वाज ने जयदीप अहलावत को बताया “आज का सबसे बेहतरीन एक्टर, इवेंट में हुआ बड़ा खुलासा   ||    अजय देवगन का इमोशनल पोस्ट वायरल: बेटी न्यासा देवगन को जन्मदिन की बधाई दी   ||    WWE WrestleMania 42 नाइट-2: रोमन रेंस बने नए वर्ल्ड हैवीवेट चैंपियन; ब्रॉक लैसनर ने संन्यास के दिए स...   ||    ‘राजा शिवाजी’ फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ   ||   

सुप्रीम कोर्ट ने 26 हफ्ते की प्रेग्नेंट महिला का अबॉर्शन रोकने का दिया निर्देश, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Tuesday, October 10, 2023

मुंबई, 10 अक्टूबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। सुप्रीम कोर्ट ने 26 हफ्ते की प्रेग्नेंट महिला का अबॉर्शन रोकने का निर्देश दिया है। AIIMS के डॉक्टरों ने कोर्ट में बताया कि भ्रूण के पैदा होने की संभावना है। जिसके बाद कोर्ट ने डॉक्टरों को अबॉर्शन प्रोसेस रोकने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले की सुनवाई के लिए बुधवार को एक नई बेंच का गठन किया जाएगा। जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने बीते दिन हुई सुनवाई में शादीशुदा महिला की अनप्लान्ड प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करने की इजाजत दे दी थी। कोर्ट ने याचिकाकर्ता महिला से कहा था कि वो आज AIIMS में भर्ती हो जाये और डॉक्टरों की सलाह लेकर जल्द से जल्द अबॉर्शन प्रोसेस पूरा करे। कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर गर्भ में शिशु जीवित मिले तो डॉक्टरों की सलाह से उसे इन्क्यूबेशन में रख सकते हैं।

दरअसल, बीते दिन से पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने महिला के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए AIIMS की निगरानी में एक मेडिकल बोर्ड बनाने का आदेश दिया था। साथ ही याचिकाकर्ता के मुताबिक, वह दो बच्चों की मां है और पहले से ही पोस्टपार्टम डिप्रेशन से जूझ रही है। वह भावनात्मक, आर्थिक और मानसिक रूप से इस हालत में नहीं है कि तीसरा बच्चा पाल सके। बेंच ने कहा, कोर्ट याचिकाकर्ता के फैसले लेने के अधिकार को स्वीकार करता है। बेंच ने कहा कि हम मानते हैं कि अपने शरीर पर महिला का अधिकार है और अगर अनचाहे गर्भधारण से बच्चा इस दुनिया में आएगा, तो उसके लालन-पालन की बड़ी जिम्मेदारी याचिकाकर्ता के ऊपर ही आएगी। इस वक्त वह यह जिम्मेदारी उठाने के लिए तैयार नहीं है। वह साइकॉलोजिकल ट्रीटमेंट भी करा रही है। उसे अबॉर्शन की इजाजत दी जाती है। AIIMS के डॉक्टरों ने कोर्ट में बताया कि भ्रूण के पैदा होने की संभावना है। जिसके बाद कोर्ट ने डॉक्टरों को अबॉर्शन प्रोसेस रोकने का निर्देश दिया।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.