ताजा खबर
कच्चे तेल में उबाल $103 के पार पहुँचा ब्रेंट क्रूड, भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर बड़ा अपडेट   ||    ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की 'रहस्यमयी' चुप्पी गंभीर चोटों और सर्जरी के बीच IRGC ने संभ...   ||    युद्ध के खर्च ने रूस को सोना बेचने पर किया मजबूर बजट घाटे को पाटने के लिए पुतिन सरकार ने खंगाला खजान...   ||    ‘अमेरिका में भारत को लेकर गलत धारणाएं’, वाशिंगटन में बोले RSS महासचिव दतात्रेय होसबोले   ||    नोएडा में आतंकी साजिश नाकाम UP ATS ने दबोचे ISI के दो 'स्लीपर सेल' ग्रेनेड हमले की थी तैयारी   ||    कमाई में डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस का जलवा वंदे भारत और राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें पछाड़ीं   ||    वानखेड़े में मुंबई की शर्मनाक हार हार्दिक पांड्या ने बल्लेबाजों को ठहराया जिम्मेदार, बोले- 'पावरप्ले...   ||    ऑपरेशन सिंदूर के बाद घबराया पाकिस्तान चीन और तुर्की के साथ मिलकर रच रहा 'गुप्त' साजिश, एडवांस एयर डि...   ||    IPL 2026 CSK के खिलाफ MI ने उतार दिए 13 खिलाड़ी, अंपायर के फैसले पर मचा बवाल   ||    पुष्कर सिंह धामी विकास और सुशासन के मॉडल BJP अध्यक्ष ने बताया- 2027 के चुनाव का वही होंगे चेहरा   ||   

प्याज की कीमतों में 'आग' ₹60 के पार पहुँचा भाव, सरकार ने कीमतों को काबू करने के लिए निकाला 'बफर स्टॉक'

Photo Source :

Posted On:Friday, April 24, 2026

देशभर की मंडियों में प्याज की आवक घटने से आम आदमी की रसोई का बजट एक बार फिर गड़बड़ा गया है। पिछले एक हफ्ते के भीतर प्याज की कीमतों में 40% तक का उछाल देखा गया है। दिल्ली, मुंबई और जयपुर जैसे शहरों में जो प्याज 30-35 प्रति किलो बिक रही थी, वह अब ₹50 से 60 के पार पहुंच गई है। विशेष रूप से नासिक और पुणे की मंडियों में थोक भाव बढ़ने का असर अब सीधे रिटेल मार्केट पर पड़ रहा है।

कीमतें बढ़ने के 5 मुख्य कारण

  • फसल को नुकसान: महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने रबी की तैयार फसल को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिससे मंडियों में आवक (Supply) कम हो गई है।
  • सप्लाई गैप: पुरानी प्याज का स्टॉक अब खत्म होने की कगार पर है और नई खरीफ फसल आने में अभी समय है। इस बीच के समय में मांग बढ़ने से दाम बढ़ रहे हैं।
  • निर्यात नीति की सुगबुगाहट: अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय प्याज की बढ़ती मांग और निर्यात प्रतिबंधों में ढील की खबरों ने व्यापारियों को स्टॉक जमा करने के लिए उकसाया है।
  • लॉजिस्टिक्स खर्च: कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और बढ़ते डीजल के दामों ने परिवहन लागत (Transportation Cost) बढ़ा दी है, जिससे प्याज की लैंडिंग कीमत बढ़ गई है।
  • जमाखोरी का डर: मंडियों में बिचौलियों द्वारा कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिशों ने भी कीमतों को हवा दी है।

सरकार की 'राहत' वाली तैयारी

बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत अपने 'बफर स्टॉक' से प्याज जारी करना शुरू कर दिया है। NAFED और NCCF के जरिए प्रमुख शहरों में 35 प्रति किलो की रियायती दर पर मोबाइल वैन और सरकारी केंद्रों के माध्यम से प्याज बेची जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले 15 दिनों में बाजार में अतिरिक्त सप्लाई बढ़ाकर कीमतों को पुनः 40 के नीचे लाया जाए।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.