ताजा खबर
विक्रम के बर्थडे पर ‘चियान 63’ का फर्स्ट फ्लेम टीज़र रिलीज़ हुआ, फैंस बोले—अब आएगा असली धमाका!   ||    सलमान खान की नई फिल्म का धमाकेदार आगाज़, वामशी पैडिपल्ली के साथ शुरू हुई मेगा एंटरटेनर की शूटिंग!   ||    “सुल्तान से कोई मुकाबला नहीं” — ‘Glory’ लॉन्च पर पुलकित सम्राट ने सलमान खान को बताया असली OG   ||    यामिनी मल्होत्रा की लग्ज़री छलांग—करोडो की मर्सिडीज खरीदी   ||    ‘पति पत्नी और वो दो’ की नई रिलीज डेट फाइनल!   ||    CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: अप्रैल के अंत तक आ सकते हैं नतीजे; 18 लाख से ज्यादा छात्रों की धड़कनें तेज   ||    IPL 2026: KKR की लगातार हार से बढ़ा दबाव, गुजरात टाइटंस ने रोमांचक मुकाबले में मारी बाजी   ||    कश्मीर में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर निकले   ||    प्रियंका गांधी ने कहा कि सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी।   ||    Shreyas Iyer का बड़ा बयान - आईपीएल खिताब जीतना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य   ||   

करवा चौथ के बाद अब अहोई अष्टमी का इंतजार, जानें सटीक तिथि और महत्व

Photo Source :

Posted On:Tuesday, October 22, 2024

करवा चौथ बीतने के बाद अब महिलाओं को अहोई अष्टमी का इंतजार है. जहां करवा चौथ का व्रत पति की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए रखा जाता है, वहीं अहोई अष्टमी का व्रत बच्चों की लंबी उम्र, वृद्धि और समृद्धि के लिए रखा जाता है। यह व्रत करवा चौथ के 4 दिन बाद यानी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। आइए जानते हैं अहोई अष्टमी व्रत की सही तिथि, महत्व और पूजा विधि क्या है?

संतान से जुड़े कई व्रतों में अहोई अष्टमी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, तरक्की और सुखी जीवन के लिए व्रत रखती हैं। हिंदू धर्म में अहोई माता को माता पार्वती का ही रूप माना जाता है। ऐसे में उनकी पूजा से महादेव का आशीर्वाद भी मिलता है।

अहोई अष्टमी की सही तारीख 2024
अहोई अष्टमी तिथि बुधवार 23 अक्टूबर 2024 को दोपहर 1.18 बजे शुरू होगी, जबकि तिथि गुरुवार 24 अक्टूबर 2024 को दोपहर 1.58 बजे समाप्त होगी. इस प्रकार 24 अक्टूबर को सूर्योदय तिथि होने से अहोई अष्टमी का व्रत 24 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा।

पूजा का समय
गुरुवार, 24 अक्टूबर 2024 को अहोई अष्टमी पूजा शाम 5:42 बजे से शाम 6:59 बजे तक है। इस प्रकार पूजा की कुल अवधि 1 घंटा 17 मिनट होगी।

सितारों को देखने का समय
अहोई अष्टमी के दिन शुभ मुहूर्त में अहोई माता की पूजा करने का विधान है, जो ऊपर दिया गया है। इस दिन शाम को तारों को अर्घ्य देने के बाद निर्जला व्रत रखा जाता है। इस दिन तारा दिखने का समय 6.06 मिनट के बाद है, जबकि चंद्रोदय का समय 11.55 मिनट पर है।

अहोई अष्टमी पूजा-विधि
इस दिन माताएं और महिलाएं सुबह जल्दी उठकर व्रत का संकल्प लेती हैं। सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनने चाहिए।
दीवार पर गेरू या कुमकुम से देवी अहोई की छवि बनाएं।
देखें शाम को पूजा का सही मुहूर्त. पूजा में 8 पूड़ी, 8 पुआ और हलवा रखें.
पूजा के दौरान व्रत कथा अवश्य सुनें या पढ़ें। कहानी सुनने के बाद देवी से बच्चों की रक्षा की प्रार्थना करें।
इस दिन सेई की भी पूजा की जाती है और सेई को हलवा और सात अनाज का भोग लगाया जाता है।
पूजा के बाद अहोई अष्टमी की आरती करें। आकाश में तारों को देखें और व्रत रखें।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.