ताजा खबर
विक्रम के बर्थडे पर ‘चियान 63’ का फर्स्ट फ्लेम टीज़र रिलीज़ हुआ, फैंस बोले—अब आएगा असली धमाका!   ||    सलमान खान की नई फिल्म का धमाकेदार आगाज़, वामशी पैडिपल्ली के साथ शुरू हुई मेगा एंटरटेनर की शूटिंग!   ||    “सुल्तान से कोई मुकाबला नहीं” — ‘Glory’ लॉन्च पर पुलकित सम्राट ने सलमान खान को बताया असली OG   ||    यामिनी मल्होत्रा की लग्ज़री छलांग—करोडो की मर्सिडीज खरीदी   ||    ‘पति पत्नी और वो दो’ की नई रिलीज डेट फाइनल!   ||    CBSE 12वीं रिजल्ट 2026: अप्रैल के अंत तक आ सकते हैं नतीजे; 18 लाख से ज्यादा छात्रों की धड़कनें तेज   ||    IPL 2026: KKR की लगातार हार से बढ़ा दबाव, गुजरात टाइटंस ने रोमांचक मुकाबले में मारी बाजी   ||    कश्मीर में भूकंप के झटके, लोग घरों से बाहर निकले   ||    प्रियंका गांधी ने कहा कि सीटें बढ़ाना सत्ता में बने रहने की साजिश थी।   ||    Shreyas Iyer का बड़ा बयान - आईपीएल खिताब जीतना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य   ||   

हर सदी के दस्तरख्वान की शान “खिचड़ी” |

Photo Source :

Posted On:Wednesday, April 14, 2021

खाना सिर्फ इंसानो के सेहत तक सिम्मित नहीं है ,यह इतिहास और परंपरा का प्रतिक है | भारत में इतने सारे खाद्यपदार्थ है जिनके नाम भी नहीं पता परन्तु एक ऐसा खाद्यपदार्थ है जो पुरे भारत को जोड़ता है और जिसे सब जानते है | “खिचड़ी” मूल रूप से चावल दाल और मसालों का एक सुगंधित पदार्थ ,यह नमकीन व्यंजन विभिन्न अवतारों में पूरे भारत में रसोई में पाया जा सकता है।

इतिहासकार मोहसिना मुकादम के अनुसार खिचड़ी ;भारत के सबसे प्राचीन खाद्य पदार्थों में से एक है इसका नाम संस्कृत शब्द “खिचका” से आया है | प्राचीन भारत के गैस्ट्रोनॉमिक साहित्य में भी खिचड़ी के कई उल्लेख हैं | १४ वीं शताब्दी में भारत आने वाले प्रसिद्ध मोरक्को के यात्री इब्न बतूता ने लिखा है “मुंज को चावल के साथ उबाला जाता है फिर भिगोकर खाया जाता है। इसी को वे “किशरी” कहते हैं और इससे वह हर दिन नाश्ते में कहते है | यह भारत के अधिकांश घरों में भोजन है, लेकिन खिचड़ी कई मायनों में दिलचस्प है। वेस्ट बंगाल में इसे खिच्चुरी कहते है, बिसिबेले भात कर्नाटक और वेन पोंगल तमिल नायडू में कहा जाता है | खिचड़ी के चर्चे हमारे वेदो में ,चाणक्य की किताबो में ,बड़े से बड़े भारत आए मुसाफिरों के लेख में, मुग़लो के शाही दरबार में और अन्य कहानियो में है | एक ऐसीही प्रसिद्ध कहानी आप सभी तो याद ही होगी “बीरबल की खिचड़ी” जब बीरबल ने एक गरीब धोबी को खिचड़ी के उदहारण से बादशाह अकबर द्वारा इन्साफ दिलाया था, इस कहानी से हम अंदाज़ा लगा सकते ही खिचड़ी का महत्व कितना ज्यादा था उस समय में | १९ वीं शताब्दी में अंग्रेज भारत से खिचड़ी अपने देश ले गए जहाँ यह “केडगेरे” बन गया | यह इंग्लैंड में एक परिष्कृत नाश्ता पकवान बन गया। यह अभी भी इंग्लैंड में लोकप्रिय है।


भागलपुर और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. bhagalpurvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.